हमारे शरीर से आलस्य कैसे दूर होता है?| 7 ways to overcome laziness

हर कोई अपने जीवन को जीने के लिए जिंदगी में में किसी भी फील्ड में कैरियर बनाने के लिए कुछ ना कुछ लक्ष्य रखते हैं। लेकिन कुछ लोग कुछ स्टेप बनाकर और उस पाथ पर चलकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं। 
लेकिन कुछ लोग अपनी जिंदगी में बहुत बड़ी-बड़ी लक्ष्य बना लेते हैं। लेकिन उसे प्राप्त करने में जो जर्नी सफर करनी होती है। 
How to overcome laziness










और दूसरे को दोषी ठहराते हुए रहते हैं। कि उसकी वजह से मैं नहीं कर पाया। जैसे कि किसी भी लक्ष्य को करने के लिए उसे से रिलेटेड यदि आप अपने एक्टिविटी को रखते हैं। 
 
लेकिन यदि उससे अलग एक्टिविटी रखते हैं। और उसमें ज्यादा समय आप लगाते हैं। तो यकीन मानिए कि आपका मन आपके लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नहीं है। 
 
यही सबसे बड़ी आपके आलस्य हैं इसी की वजह से आप कुछ नहीं कर पाते तो चलिए दोस्तों आज हम इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि आलस्य की मेन वजह क्या है? और इसे कैसे दूर किया जा सके? ताकि हम अपने काम को सही समय पर कर पाए।
 

आलस्य क्या है?


दोस्तों आलस्य से बचने के लिए? और इसके कारण जानने से पहले? यह जान लेते हैं कि वास्तविक में आलस्य क्या है? दोस्तों आलस्य वह एक स्थिति है जिसमें हम किसी भी चीज को जो 
 
हमारे लिए इंपॉर्टेंट होती है या कोई हमारे द्वारा अपने लिए लक्ष्य बनाए हुए होते हैं उसे हम नहीं करना चाहते हम उसे कोई दूसरी व्यक्ति से या कोई दूसरी चीज से करवाना चाहते हैं।
 
जैसे ही हम उस काम को करने के लिए शुरू करते हैं या कोशिश करते हैं तब आपको वह काम शुरुआत में अच्छा लगता है। 
लेकिन जैसे ही कुछ समय बाद आपको वह काम कठिन लगने लगता है उसके बाद आपको वह काम असंभव के समान लगता है फिर उसके बाद आप उस काम को करना नहीं चाहते हैं क्योंकि इसमें आपकी एनर्जी जाएगी।
 
आलस्य व्यक्ति बहुत ही कंफर्टेबल और लग्जरियस जीवन जीना चाहता है लेकिन उसे कहीं पर भी दुख सहना ना पड़े यही कारण है कि आलस्य इंसान कुछ नहीं कर पाता।

शरीर में आलस्य के क्या क्या कारण है?

दोस्तों आलस्य की बहुत सारे कारण है। जिसके बारे में मैं यहां पर आपको क्या क्या कारण है? इसके बारे में बताने वाला हूं। दोस्तों वैसे तो किसी भी काम को करने से पहले उसके पीछे जो काम है उसे समझ लेना एक बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।

1.सही तरीके से मोटिवेशन ना मिलना:


सबसे पहले लाइफ में किसी भी काम या लक्ष्य को करने से पहले सही तरीके का मोटिवेशन मिलना चाहिए दूसरे यदि प्रॉपर मोटिवेशन नहीं मिलती है तो व्यक्ति हार जाता है और अपने आप को रोज कोसते रहते हैं।

कि मैं असफल व्यक्ति हूं और मैं एक लूजर इंसान हूं हमें अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर सकता इस तरह से अपने आप से बोलते रहते हैं यह गलत मोटिवेशन है मैं आपको देने के लिए
 
चलिए दोस्तों मैं आपको सही मोटिवेशन इतना जरूरी क्यों है इसे आपको एक कोलंबिया विश्वविद्यालय में 1998 में वहां के एक प्रोफ़ेसर के द्वारा रिसर्च हुई थी उस के माध्यम से बता देता हूं।

तो दोस्तों कोलंबिया यूनिवर्सिटी में क्या रिसर्च हुई थी कि वहां फिफ्थ स्टैंडर्ड के स्टूडेंट को इकट्ठा करके उनको puzzle दिया गया था जिसमें सरल, मध्यम लेवल, और कठिन लेवल की पजल थी।

और सभी पहेलियां को हल करने के प्रोफेसर बाद में उन सभी विद्यार्थियों को दो ग्रुप A और B में बांट दिया। A ग्रुप को कहां गया कि आप तो बहुत ही 

इंटेलिजेंट और बहुत ही अच्छा हो। जबकि बी ग्रुप को कहा गया कि आप जो भी यह काम किए हो वह आप अपने Hard Working की वजह से किए हो। 
 
बस इतना कह के फिर से उन दो ग्रुपों को पजल दिए हैं, जिसमें सरल, माध्यम, लेवल और कुछ कठिन पहेलियां थी जिसमें A ग्रुप को कहा गया था कि आप 

बहुत ही अच्छा और इंटेलिजेंट हो वह ग्रुप शुरुआत में सरल पहेली को हल किया फिर कुछ समय बाद बोर हो गया और कठिन पहेलियां को हल नहीं कर पाया।
 
जबकि B ग्रुप जिसे कहा गया था कि आप Hardworking विद्यार्थी हो जिसने सिर्फ सरल पहेलियों को हल नहीं किया बल्कि मध्यम और कठिन 
लेवल के पजल को भी अच्छे से हल किया और अंत में B ग्रुप के लोग हैं उस कंपटीशन में जीते।
फिर लास्ट में उन दोनों ग्रुप से पूछा कि आपको इस पहेलियां को हल करते समय कैसा लगा? तब A ग्रुप 

वाले विद्यार्थी बताएं कि शुरू में हमें अच्छा लगा लेकिन कुछ समय बाद हमें अच्छा नहीं लगा और हम बोर हो गए जबकि B ग्रुप के लोग ने कहा कि शुरुआत में सरल प्रश्न को हल करके हमें बहुत ही मजा आया और लास्ट तक हम मोटिवेटेड रहे।

दोस्तों यह रिसर्च है इतनी इंटरेस्टिंग इसलिए थी क्योंकि हम लोगों को जिस तरह से किसी भी काम करने के लिए मोटिवेट करते हैं वह व्यक्ति उसी तरह से अपने काम को करते हैं तो दोस्तों आप लोग समझ सकते हैं कि सही ढंग का मोटिवेशन कितना जरूरी है।

2. जिंदगी में कोई लक्ष्य ना होना:


दोस्तों इस दुनिया में जो भी व्यक्ति जन्म लेता है और वह कुछ समय बाद अपने जिंदगी को जीने के लिए शुरुआती दौर में ही कुछ बड़ा करने के लिए लक्ष्य बना लेता है। और उसे प्राप्त करने के लिए खूब मेहनत करते रहता है। 

लेकिन कोई व्यक्ति के पास कोई लक्ष्य नहीं है तो वह व्यक्ति कुछ नहीं करने का मन में ठान लेता है जोकि जीवन में सबसे बड़ा आलसी होता है।

जो भी इंसान कुछ काम करता है वह अपने लक्ष्य के लिए ही करता है क्योंकि लक्ष्य ही इंसान को काम करने के लिए मजबूर कर देता है और उसी को फॉलो करते हुए वहां आगे अपनी जिंदगी में काम करते रहता है।

 
3 जो हम चाहते हैं वह सफल ना होने का डर:


दोस्तों इस दुनिया में जो भी लोग बड़ा चीज करके अपनी जिंदगी में सफल बने है उनकी शुरुआती दौर में वे लोग अनगिनत असफल हुए हैं। लेकिन उन लोगों 
को अपनी असफलता पर कोई डर नहीं होता था और 

वह लोग एक बार फेल होने के बाद फिर दूसरा कुछ नया करने का क्षमता रखते थे इस तरह से वे लोग अपनी पूरी जिंदगी में हर जगह सफलता पाते गये है।
 
लेकिन कुछ लोग उन्हीं लोगों को देखकर अपनी जिंदगी में कुछ करने की कोशिश करते हैं तब उन्हें यह डर रहता है कि मैं इसे कर पाऊंगा कि नहीं कर 

पाऊंगा क्योंकि इसमें एक बार फेल होने के बाद उसके लिए स्वयं को उत्तरदायित्व मानना पड़ता है। जोकि हर व्यक्ति नहीं कर पाता है यही डर उनको कुछ ना करने के लिए मजबूर बना देता है।
 
जिससे वह व्यक्ति अपनी जिंदगी में धीरे धीरे और असफल होते चले जाते हैं जो कि यह कुछ चीज ना करने का सबसे बड़ा अलसी का कारण है।
 

4.जो महत्वपूर्ण नहीं है उसे करना:


दोस्तों सभी लोगों की जिंदगी होती है इसमें कुछ लोग कुछ अलग चीज करते हैं वे रहते हैं तो कुछ लोग फालतू की चीजें को करते रहते हैं और देखते हैं जिससे जो जैसे दिखता है वह वैसे ही बनता है।
 
बहुत जने लोग हैं फालतू के बहुत अधिक मात्रा में टीवी, गाने, गेम खेलना और अन्य चीजों को करते रहते हैं जो कि उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है। जो कि 

कुछ समय बाद इसी सभी चीजों में उन लोगों का लत लग जाती है जिससे वे लोग बाहर नहीं निकल पाते और यह आपको कुछ करने के लिए रुकता है जोकि आलसी के शिकार हो जाते हैं।
 

5.डिप्रेशन के कारण आलसी होना:


दोस्तों कोई भी व्यक्ति यदि डिप्रेशन हो जाते हैं तो वो व्यक्ति किसी से मिलना जुलना और अन्य काम करना पसंद नहीं करते हैं जोकि उसे अलसी की ओर जाने का हेल्प करता है।
 
और वह व्यक्ति है अकेले में रहना चाहते हैं जोकि और उससे डिप्रेशन में लेते जाते हैं और वह कुछ काम ना करने से और आलसी बनते जाता है।
 
 
6.काम को टालना आलसी पन का कारण है:

जिंदगी में काम को नहीं टालना चाहिए यदि हम लोग रोज काम को टालते हैं तो हम लोग को आलसी बनने से कोई नहीं रोक सकता। 

जैसे कि यदि आप रोज जिम जाने के लिए सुबह 5:00 बजे उठते हो यदि आप एक-दो दिन जाने के बाद फिर से सुबह 7:00 बजे जाऊंगा करके आप नहीं जाते ऐसा करके काम को टालते हैं। 

तो आप ऐसी आदत बना लेंगे और आप एक आलसी हो जाएंगे उसके बाद आप जिम नहीं जा कर इस तरह से आप काम को टालने से आप खुद ही अलसी बन जाते हैं।
7.स्वयं पर विश्वास ना करना:
 
दोस्तों जो व्यक्ति हैं किसी भी काम को करने से पहले स्वयं पर विश्वास नहीं होते हैं तो वह व्यक्ति अपने आप को डिमोटिवेट करते रहते हैं 

कि यह काम को मैं कर सकता हूं कि नहीं कर सकता इस तरह से उस काम को टाल कर खुद आलसी हो जाते हैं और कुछ कर नहीं पाते हैं।
 
इसीलिए किसी भी काम को करने से पहले खुद पर विश्वास होना बहुत ही जरूरी है तभी आप किसी भी काम को अच्छे से कर पाओगे।
 

8.दूसरे व्यक्ति के ऊपर निर्भर होना:


दोस्तों जैसे कि हमारे देश में कहीं पर भी मुफ्त का चीज मिलती है तो वहां पर सभी लोग मुझे चाहिए मुझे-चाहिए करके चले जाते हैं क्योंकि ज्यादातर लोग फ्री का खाना पसंद करते हैं या कोई भी चीज फ्री का लेना चाहते हैं।
 
जो की अपने दम पर कुछ करने से रोकता है जो कि दूसरे पर निर्भर होने लगता है यही कारण है कि लोगों को इस तरह से अलसी बनना पड़ता है।
 

हमारे शरीर से आलस्य कैसे दूर होता है?


दोस्तों मैं आपको आपके शरीर से समस्या को कैसे दूर करें इसके बारे में आपको स्टेप बाय स्टेप करके जानकारी देने वाला हूं जो आपकी पूरे दिन का रहेगा जिसे आप 1 दिन भी कर लेते हैं। तो आप कुछ अलग तरह का महसूस करेंगे।

1.5 भिगोए हुए मुनक्का को खाए:

दोस्तों जब आप सो कर उठते हैं। तब आप सबसे पहले फ्रेश होने के लिए जाते हैं फिर उसके बाद आप कुछ चीज खाते हैं। तो दोस्तों सबसे पहले आप पांच भिगोए हुए मुनक्का को उसके बीज को निकाल चबा चबा कर खाएं। और यह दिखने में किसमिस से थोड़े से अलग होते हैं।

मुनक्का किसमिस से सिर्फ दिखने में अलग नहीं बल्कि उसके कई पौष्टिक तत्व में भी अलग होते हैं मुनक्का में Magnesium, Vitamin E, IRON, Vitamin B, Calcium, Potassium, Vitamin C इत्यादि होते हैं।

यह खाने से आपके शरीर में बिजली की झटके कि जैसे ऊर्जा आएगी। जो आपके पूरे दिन भर आपके शरीर में रहेगी तो आप दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उसके बाद आपको सब कुछ करने का मन करेगा जो आप चाहते हैं।

2. सुबह उठ कर एक्सरसाइज करें:


दोस्तों एक्सरसाइज के ऊपर बहुत सारी वैज्ञानिकों ने रिचार्ज कर चुकी है और उससे जो परिणाम आई है कि रोज एक्सरसाइज सुबह करता है उसके शरीर में आलस्य नहीं रहती है।

यदि आप रोज करते हैं तो आप दिनभर एनर्जेटिक महसूस करते हैं आप रोज कम से कम 20 मिनट पार्क में जाकर व्यायाम करें।

बाहर जाकर खुली हवा में एक लंबी सांस हीं ले और योगासन प्राणायाम जैसे योगा सुबह रोज करें जिसे आपके शरीर fit रहेगी।

3.वर्कआउट करने के बाद मसाज करें:

दोस्तों वर्कआउट करने के बाद अपने शरीर को पांच 10 मिनट मसाज जरूर करें मसाज करने के लिए तिल का तेल जरूर ले।

जिसे तेलो का राजा कहा जाता है। यह सभी तरह शरीर को सूट कर जाता है। शरीर को मसाज करने से शरीर रिलैक्स हो जाता है और शरीर के कोशिका ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ जाती है। 

और शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल आती है और जिससे शरीर की सारी थकान दूर हो जाती है। जैसे आप अपने कपड़ों की ध्यान रखते हैं वैसे ही आप आपके शरीर एक ऐसी ही ब्रांड है जिसे आप को care करने की जरूरत है।

इसे आप रोज नहीं कर पाते तो भी कोई चक्कर नहीं इसे आप हफ्ते में 4 दिन जरूर करें तभी इसके अच्छे से फायदा ले पाएंगे।

4.काम करने के लिए पहले लिस्ट बनाए:

फिर नहाने के बाद एक बढ़िया न्यूट्रिशन वाले खाना खाए और काम करने से पहले आपको एक लिस्ट बनाने की जरूरत है। 

क्योंकि इसमें आप कौन से कहा कितने समय करने वाले हैं? और कौन से काम किसके बाद करने वाले हैं? उसमें यह लिखा हुआ होना चाहिए।

दोस्तों हमें आलस तभी आता है जब हमारे पास करने के लिए कुछ काम नहीं होता है। एक बात याद रखना कि 
आपको बहुत लंबे चौड़े लिस्ट नहीं बनाना है एक छोटे से लिस्ट बनाना है और उसने जो आप इंपोर्टेड काम करने वाले हैं उन सभी होना चाहिए।

जब आप जो काम लिस्ट में लिखे हुए होते हैं और उसे करने के बाद जो सेटिस्फेक्शन मिलती है वह जो मूवी देखते हैं 

उससे कहीं ज्यादा गुना आपको आनंद मिलेगा। ऐसे करते-करते अपने गोल की ओर आप बढ़ते जाते हैं और आप अपने गोल को अचीव कर लेते हैं।

5.High Pranic फलों का सेवन करें:

दोस्तों अब बात करते हैं high pranic फलों कि हमें कौन सी फल खाना चाहिए। आयुर्वेदा में फलों को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया है और आयुर्वेदा में बहुत विस्तार से बताया गया है।

हम जो खाते हैं उसका हमारे शरीर पर कुछ न कुछ प्रभाव डालता ही है। 

आयुर्वेद के अनुसार ताजे फल, सूखे फल, ताजे मौसमी सब्जियां, बीज, दाले, देसी गाय के मिल्क प्रोडक्ट, साबुत अनाज के फल खाने से प्राण शक्ति का संचार होता है।

वहीं दूसरी ओर Low pranic processed food प्रिजर्वेटिव से भरे डब्बा वरत फूड, बाहर का जंक फूड,frozen food, non veg food, चाय कॉफी इत्यादि इन सभी से प्राणशक्ति का संचार घटाकर हमें आलसी बनाता है। 

एक चीज आप कम से कम कर सकते हैं वह यह कि हर रोज एक टाइम जैसे कि ब्रेकफास्ट में या शाम को 5:00 बजे के आसपास अपने पसंद के ताजे फल जरूरी खाए।

यदि उसी की जगह चीज बर्गर पिज्जा आएंगे तो आलस आएंगे ही आएंगे। सुबह या शाम को सूर्य की किरणें लेने से शरीर के प्राण शक्ति बढ़ती है।

6.देर रात ज्यादा भारी मात्रा में भोजन ना करें:

तो दोस्तों अब बात करते हैं कि आपके भोजन कैसा होना चाहिए? दोस्तों यदि आप शाम को 7:00 बजे से 
पहले भोजन कर लेते हैं। और आप रात को 10:00 बजे और सुबह 5:00 बजे के बीच में सोते हैं। और आप ऐसे ही रोज करते हैं तो आपको पहले दिन से ही काफी एनर्जेटिक होगी। 

दोस्तों यह ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूरज ढलने के बाद हमारे शरीर भोजन को पचा नहीं पाते हैं जो आलस का वजह बन जाती है जबकि दिन में इसे अच्छी तरह से पचा देते हैं।

तभी तो जो रात में लेट में भारी मात्रा में भोजन करने वाले को सुबह जल्दी उठने में काफी दिक्कत होती है। दोस्तों यदि आप किसी कारण वश से शाम को 7:00 

बजे से पहले डिनर नहीं कर पाते हैं। तो आप कम भोजन करिए रात में और वाक में बाहर घूमने जाइए। 

अब रात को कम भोजन किए हैं तो आपको मध्य रात्रि में आपको भूख तो लगेगी ही लगेगी तो ऐसे में आपको दूध पी लेनी चाहिए। 

वैसे तो एनर्जी बढ़ाने के लिए छुहारे वाले दूध को आयुर्वेदिक संहिता में काफी महत्व दिया है। छुहारे में Vitamin B, Zinc, Calcium, Potassium, fibre, इत्यादि पाए जाते हैं।

दोस्तों इसे बनाने के लिए गैस को धीमी आंच पर चालू करके चालू करके रखिए फिर उसके बाद मिट्टी के पात्र जिसमें ज्यादातर गांव में दूध को ऊबाला जाता है, 

उसमें एक गिलास देसी गाय के दूध और एक गिलास पानी और दो को छुहारा को काटकर डाल दें उसे तब तक उबलने दें जब तक उसने का सारा पानी भाफ के रूप में उड़ नहीं जाता।

ऐसा करने का इसमें दो बड़ा फायदा है पहला की दूध को पचाने में आसानी जाती है और दूसरा छुहारा के extract दूध में आ जाती है। 

और यह दूध पीने के बाद दूसरा दिन पेट को अच्छे से साफ करता है और पेट साफ होना भी बहुत जरूरी है एनर्जेटिक रहने के लिए। दूध को धीरे-धीरे पिए और साथ में छुहारे को भी खाते रहे बहुत टेस्टी भी होता है

7.रात में सही समय पर सोए:

दोस्तों अब अब बात करते हैं कि आपको किस तरह से सोना चाहिए रात को बहुत ज्यादा सोने से ज्यादा महत्वपूर्ण सही समय पर सोना है। रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक सोने के लिए बढ़िया समय है।

यह साइंटिफिक सिद्ध हो चुकी है जो लोग रात को बहुत समय तक जगते हैं और वह लोग अपने आपको रात के उल्लू समझते हैं। लेकिन दोस्तों ऐसा करने के लिए हमें प्रकृति ने नहीं बनाया है।

तभी कुछ लोग रात को 8 - 9 घंटा सोने के बावजूद नहीं पूरे दिन भर थकान महसूस करते हैं। और वहीं कुछ लोग 5 घंटे सो कर पूरे दिन भर एनर्जेटिक रहते हैं। 

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