भारत का पहला 1.54 crore में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री गुजरात में बनने जा रहा है।

India is going to be a semiconductor in Gujrat

भारत में पहली बार सेमीकंडक्टर बनाने की तैयारी की जा रही है न्यूज़ आई है कि भारत के वेदांता कंपनी और ताइवान के पॉपकॉर्न कंपनी मिलकर गुजरात में 1.5 करोड़ का फैक्ट्री लगाने वाली है।

Tiwan की foxcon company और भारत की vedanta कंपनी 40%, और 60% की partnership करेगा उसके बाद गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले और वैरीयस पार्ट्स का मैन्युफैक्चर करेंगे।

वेदांता कंपनी के चेयरमैन के इंटरव्यू क्या है?

दोस्तों आपको इसका फायदा किस तरह से मिलेगा चलिये इसे जान लेते हैं वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने 13 सितंबर को एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा है

कि अभी के लिए एक लाख के लैपटॉप जिसमें अच्छी डिस्प्ले ग्राफिक्स, Ram, प्रोसेसर इत्यादि बहुत सारे components होते हैं जो हमारे भारत में सेमीकंडक्टर के बनने के बाद यही लैपटॉप 40 हजार में मिलेगी। 

दोस्तों यह ऐसा इसलिए होगा क्योंकि हम लोग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस डिस्प्ले और अन्य कंपोनेंट्स विदेशों से मंगवाते हैं जिससे हमारे देश में भारत सरकार इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स लगाते हैं उसके बाद उनकी कीमत बढ़ जाती है।

जबकि देखा जाए तो अमेरिका और यूरोप के देशों में यही लैपटॉप उनके लिए बहुत ही कम रेट में मिल जाती है हालांकि वहां की लोगो की इनकम हमारे भारतीय लोगों के इनकम से जाता है। 

और बहुत सारे ट्रैक्टर पर भी निर्भर करती है जैसे कि वहां की करेंसी हमारे भारत की करेंसी वहां की करेंसी के मुकाबले कम वैल्यू है।

इससे संबंधित कुछ कॉन्ट्रोवर्सी हैं?


दोस्तों इस न्यूज़ से कुछ कॉन्ट्रोवर्सी हुई है क्योंकि कुछ समय पहले यह न्यूज़ आई थी कि यह फैक्ट्री महाराष्ट्र में बनने वाली थी लेकिन अभी की जो न्यूज़ आई है। 

जिसमें यह 1.54crore करोड़ की सेमीकंडक्टर फैक्ट्री गुजरात में बनने जा रही है इसीलिए महाराष्ट्र के कुछ नेता जैसे कि राज ठाकरे ने कहा है कि यह महाराष्ट्र में बनने वाली थी।

लेकिन अचानक से कैसे गुजरात में बनने जा रहे हैं लेकिन दोस्तों वेदांता कंपनी के चेयरमैन ने कहा है कि शुरुआती दौर में अभी गुजरात में फैक्ट्री बन रही है लेकिन कुछ समय बाद महाराष्ट्र में भी यह फैक्ट्री बनेगी।

दोस्तों यदि पहले महाराष्ट्र में यह प्रोजेक्ट जाती तो महाराष्ट्र को बहुत सारे फायदा होती है जैसे कि महाराष्ट्र को 26500 crore SGST और डायरेक्ट 

और इनडायरेक्ट 80 से 1 लाख के आसपास नौकरियां बनती वहां पर जो कि महाराष्ट्र की जीडीपी ग्रोथ में सहयोग होती है।

लेकिन दोस्तों यह सभी गुजरात राज्य में जा रहा है यही कारण है कि वहां के नेता लोग यह सभी बातें कह रहा है।

दोस्तों इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र और गुजरात अपनी अपनी राज्य में लाने के लिए दोनों ने बहुत ही अट्रैक्टिव ऑफर रखा था। 

कंपनी के सामने महाराष्ट्र ने तो पावर टेरिफ सब्सिडी ₹1 पर यूनिट के हिसाब से देने के लिए रखा था और यदि इस कंपनी को सेट अप करने के लिए पावर की जरूरत होती। 

जिसके लिए पावर सोलर यूनिट लगाना पड़ता है उसके लिए पानी जमीन यह सारे सब्सिडी देती।

लेकिन गुजरात सरकार यह सारी चीजें तो देगी ही देगी लेकिन उस कंपनी को 1000 एकड़ की जमीन 99 साल के लिए लीज पर लेनी थी।

जो कि गुजरात सरकार ने इस कंपनी को दे दिया। जबकि गुजरात की एक प्रॉपर सेमीकंडक्टर पॉलिसी भी है

भारत का सपना सेमीकंडक्टर बनाने का लंबे समय से था

भारत का सपना था कि भारत में भी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री बनी जिससे हम लोग भी बनाकर वेरियस अपनी डिवाइस पर लगाएं

यदि आप चाहते हैं कि भारत में भी मोबाइल फोन बने जैसे कि चाइना की कंपनियां की xiaomi, vivo,oppo,onplus इत्यादि है जो सभी बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स के ही एक सब ब्रांड है।

सभी कंपनियां पूरी दुनिया में अपने मोबाइल फोन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे कि स्मार्ट वॉच ईयर फोन मोबाइल स्पीकर एंड वैरीयस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इत्यादि जिसे यूरोप और एशिया के देशों में बेचते हैं।

कुछ समय पहले एक भारत सरकार ने पैकेज दिया था ईद विदेशी कंपनी को ताकि भारत में आकर अपनी फैक्ट्री खोलें और सेमीकंडक्टर डिवाइस बनाएं लेकिन उस समय उन लोगों को कम पैसा 

और सर्विस लगा इसलिए उन्होंने अपना फैक्ट्री भारत में नहीं लगाया जब तक भारत में 1.54 लाख हजार रुपए एनाउंस नहीं किया।

इसमें भारत सरकार ने उस कंपनी को जमीन में, बिजली के रेट में छूट, और टैक्स और अन्य चीज में छूट नहीं दी तब तक भारत में नहीं आया था लेकिन यह सभी सूट भारत सरकार नहीं दी है।

इस तरह से सब्सिडी दुनिया के कई देश कंपनियों को देते हैं ताकि उसके देश में जा कर यह सारी कंपनियों ने अपने सेमीकंडक्टर फैक्ट्री को खड़ा करें और उनके देश में समान बनाकर विदेश में बेचे।

आज से 10 साल पहले चाइना की सरकार इस तरह से सब्सिडी देकर अपने देश में बहुत सारी कंपनियों को फैक्ट्री खोलने के लिए बुला लिया था।

जैसे कि टेस्ला एप्पल इंटेल और दूसरे कंपनियां है जो वहां पर अपने प्रोडक्ट की manufacturing करते हैं। 

और अभी अभी खबर आई है कि इन सभी कंपनियों को चाइना में मैन्युफैक्चरिंग करते रहने के लिए और बहुत ज्यादा सब्सिडी देने की घोषणा की है।

इसके अलावा अमेरिका के सरकार भी 280 बिलियन डॉलर की एक बिल पास की है ताकि अमेरिका सेमीकंडक्टर के मामले में चाइना के ऊपर निर्भर ना रहे। दोस्तो आपको कौन लग रहा होगा। 

कि भारत देश बहुत ही कम 10 बिलियन का बिल पास की है तो दोस्तों अमेरिका बहुत बड़ा अमीर देश है इसलिए वहां की बिल भी बहुत बड़ा होता है।
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